आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Disaster Management Act, 2005)

 आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Disaster Management Act, 2005) भारत में आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक विधिक ढांचा प्रदान करता है। यह अधिनियम 23 दिसंबर 2005 को पारित हुआ और 26 दिसंबर 2005 को प्रभावी हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य आपदाओं की रोकथाम, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करना है।



मुख्य प्रावधान

1. अधिनियम का उद्देश्य

  • आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए एक प्रभावी कानूनी ढांचा तैयार करना।
  • राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की योजनाएं और संस्थाएं बनाना।
  • राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत बनाना।

2. परिभाषा (धारा 2)

अधिनियम के अनुसार, "आपदा" का अर्थ प्राकृतिक (भूकंप, बाढ़, चक्रवात) या मानवजनित (आतंकवादी हमले, औद्योगिक दुर्घटनाएं) आपदाओं से है, जिससे जनजीवन, संपत्ति, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को गंभीर क्षति होती है।

3. राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर की संस्थाएं

(क) राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) – धारा 3-8

  • अध्यक्ष: प्रधानमंत्री
  • नीति निर्माण, योजना और राहत कार्यों की निगरानी करता है।
  • दिशानिर्देश जारी करने और आपदा निवारण उपाय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी।

(ख) राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) – धारा 14-18

  • अध्यक्ष: संबंधित राज्य का मुख्यमंत्री
  • राज्य में आपदा प्रबंधन नीति तैयार करता है।
  • आपदा से निपटने के लिए राज्यस्तरीय योजना बनाता है।

(ग) जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) – धारा 25-34

  • अध्यक्ष: जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर
  • जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना का क्रियान्वयन।
  • राहत कार्यों और संसाधनों का समन्वय।

4. योजना और रणनीति (धारा 11-13)



  • राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना: संपूर्ण देश के लिए एकीकृत नीति बनाना।
  • राज्य और जिला आपदा प्रबंधन योजना: स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तैयारी।
  • आपदा शमन योजना: जोखिम कम करने के लिए दीर्घकालिक उपाय।

5. अधिकार और दंड के प्रावधान

(क) सरकारी अधिकारियों के विशेष अधिकार (धारा 62-65)

  • संपत्ति अधिग्रहण, राहत कार्य में संसाधनों का उपयोग करने का अधिकार।
  • आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए आदेश जारी करना।

(ख) कानूनी दंड (धारा 51-60)

  • आदेशों की अवहेलना: 1 साल तक की जेल या जुर्माना।
  • गलत सूचना फैलाना: 1 साल की सजा या जुर्माना।
  • आपदा प्रबंधन कार्यों में बाधा डालना: 2 साल तक की सजा।

6. COVID-19 और आपदा प्रबंधन अधिनियम

  • 2020 में COVID-19 महामारी को "आपदा" घोषित कर इस अधिनियम के तहत लॉकडाउन, यात्रा प्रतिबंध, मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू किए गए।
  • उल्लंघन करने वालों पर धारा 51-60 के तहत कार्रवाई की गई।


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